घर की चारदिवारी,
बोतल में-
बंद घुटती नारी,
परम्परा से जकड़ी
आँखों में पीड़ा,
पुरानी कहानी
समस्या भारी...घुटती नारी,
पुस्तक पोथी,
ने समझाया,
कारण है-
अज्ञान का साया,
पढ़ डालीं पुस्तकें,
तोड़ी बोतल-चारदीवारी...
श्वास लिए निकली नारी
हुआ ज्ञान,
आलोक,
पुंज प्रकाश,
खुला असीमित आकाश,
स्वाधीनता की श्वास ,
ज्ञान के पंख फैलाये
दिश दिशा को उड़ चली नारी
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